PCR Full Form in Hindi

PCR की फुल फॉर्म Polymerase Chain Reaction होती है. इसको हिंदी में पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन कहते है. यह एक ऐसी Technique है जिसका उपयोग इन Vitro में Test Tube में एक Specific Area या DNA के Section को बढ़ाने या बनाने के लिए किया जाता है.

यह एक बहुत ही Exact Technique है क्योंकि इसका उपयोग DNA Molecules के मिश्रण से एक Specific DNA की Copies बनाने के लिए किया जा सकता है. यह तकनीक Template Strand के लिए नए DNA Strand Complement को Synthesized करने के लिए DNA Polymerase की क्षमता का उपयोग करती है.

PCR का प्रदर्शन कैसे किया जाता है?

DNA Primers जो DNA के दो छोटे Sequence हैं DNA के Target Segment के शुरू और अंत में बाँधते हैं.

Target Segment वाले DNA Template को एक Tube में Transferred किया जाता है जिसमें Primer Free Nucleotide और DNA Polymerase होते हैं.

Tube को एक PCR Machine में रखा जाता है जो नियंत्रित तरीके से Samples के तापमान को बढ़ाता है और घटाता है.

पहले इसे DNA Strength के दोहरे Strands को Single Strands में अलग करने के लिए Hot किया जाता है. फिर यह Primers को DNA Template को Anneal या Bind करने की अनुमति देने के लिए Cold किया जाता है.

अब DNA Polymerase जो एक Enzyme है Primers से शुरू होने वाले DNA Strands को बनाना शुरू कर देता है. इसके परिणामस्वरूप एक नए और एक पुराने Strands के साथ एक Double Stranded DNA Molecule होता है.

Newly Created DNA बाद के Cycle में एक Template या Target DNA के रूप में कार्य करता है जो Target DNA की लाखों Copies बनाने की अनुमति देता है. इस तकनीक को Kary B. Mullis ने पेश किया था जिन्हें इस उपलब्धि के लिए 1993 में Chemistry के लिए Nobel Prize से सम्मानित किया गया था.

PCR एक Automated Process है और इसे पूरा करने में कुछ घंटे लगते हैं. यह Thermocycler एक Machine का उपयोग करके किया जाता है जिसे DNA Strands और इसके Synthesis को अलग करने की अनुमति देने के लिए इस Process के Temperature को बदलने के लिए Program किया जा सकता है.

इस प्रक्रिया में एक Buffer Solution का भी उपयोग किया जाता है जो DNA Polymerase की गतिविधि और स्थिरता के लिए आवश्यक Chemical Environment बनाए रखता है.

पीसीआर की आवश्यकता क्यों है?

यह DNA के Small Segments की Copies बनाने के लिए एक तेज और कम लागत वाली प्रक्रिया है. एक Organism से प्राप्त DNA आमतौर पर कम होता है. Molecular और Genetic Analysis के लिए DNA के नमूने की एक बड़ी मात्रा की आवश्यकता होती है जो PCR के साथ संभव है. इसी तरह इसका उपयोग Investigation के स्थल से प्राप्त DNA नमूने के Amplification के लिए किया जाता है.

PCR ने DNA के Separate Pieces के अध्ययन को भी संभव बनाया है. PCR के माध्यम से Study और Research Objectives के लिए एक Jean की कई Copies बनाई जा सकती हैं. इसका उपयोग Genetic Disorders में होने वाले Mutation के Diagnosis के लिए भी किया जाता है